ख़त तुम्हारा

हम-तुम  

हम-तुम शब्द कितना प्यारा शब्द है न..!! इस शब्द का एहसास ही हमें एक अजीब सी कसक दे जाता है। जबसे हम आपसे जुड़े हैं उस दिन से ही मैंने खुद में बहुत बदलाव महसूस किया। आपके साथ रहना आपसे बात करना मुझे बहुत ही अच्छा लगता है।

जितने दिन मैंने आपके साथ बिताए हैं- वो मेरे जीवन का सबसे खूबसूरत पल है। शायद मैंने कुछ अच्छे कर्म किए थे जो मुझे आप मिले। आपके अंदर मुझे सबसे अच्छी बात ये लगी कि आप झूठ नहीं बोलते या कह सकते हैं कि आप चीजों को छुपाते नहीं और मुझ पर इतना भरोसा है कि मैं आपकी बातों को समझ सकती हूँ। 

हमे लगता है कि अब हमारी ज़िंदगी आपके बिना संभव नहीं है और न ही मैं आपके बिना एक पल बिता सकती हूँ तो ये एक साल कैसे निकलेगा मैं नहीं जानती।

आपको पता है कभी-कभी मेरा मन करता है कि मैं आपसे बच्चों की तरह ज़िद करूँ की मुझे आपके साथ रहना है, चाहे कैसे भी ये आप देखो। पर फिर रुक जाती हूँ की आप बिना बताए मेरी बात को समझ जाएंगे। या सही कहें तो आप समझ भी रहे हैं पर क्या करें मैं अपने मन को समझा ही नहीं पाती हूँ।

पहले मुझे ये नहीं पता था कि प्यार क्या होता है पर आपके टच में आने के बाद शायद मुझे लगता है मुझसे ज़्यादा इस बारे में कोई नहीं जानता।

और आखिर में मैं बस फिर वही बात कहना चाहती हूँ कि अब मैं आपके साथ अपनी ज़िंदगी का हर एक लम्हा बिताना चाहती हूँ, आपके साथ आपके पास रहना चाहती हूँ। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ।

-आपकी

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